इंद्रावती टाइगर रिजर्व के 5 बाघों का शिकार? अबूझमाड़ में सक्रिय अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़
5 बाघों की खाल की कहानी ने उड़ाए वन विभाग के होश, बीजापुर इंद्रावती रिजर्व की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
इम्पेक्ट न्यूज़|कांकेर/बीजापुर।
मध्य भारत के सबसे संवेदनशील और घने वन क्षेत्रों में शामिल बीजापुर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व और अबूझमाड़ के जंगलों में सक्रिय एक बड़े अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी रैकेट का सनसनीखेज भंडाफोड़ हुआ है। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB), राज्य स्तरीय फ्लाइंग स्क्वाड, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक देश का सम्मानित पुलिसकर्मी और दूसरा होमगार्ड का जवान है।
घनघोर बारिश के बीच घेराबंदी, बोरे से मिलीं खालें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खुफिया इनपुट के आधार पर संयुक्त टीम पिछले कई दिनों से इन तस्करों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सोमवार की रात कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर अंतर्गत बांदे इलाके में भारी बारिश के बीच टीम ने नाकेबंदी की। इसी दौरान बाइक पर आ रहे दो संदिग्धों को रोककर जब तलाशी ली गई, तो उनके पास मौजूद बोरे से दो बाघों की खालें बरामद हुईं।
आरोपियों की पहचान के बाद सुरक्षा और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है:
- ज्ञानेश्वर विष्णु गेडाम: मुख्य आरोपी महाराष्ट्र पुलिस का कांस्टेबल है और खुफिया शाखा में तैनात था। उसे वर्ष 2021 में गढ़चिरौली के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ अदम्य साहस दिखाने के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक’ से सम्मानित किया जा चुका है।
- बाबूराव राजू मडावी: दूसरा आरोपी होमगार्ड का सिपाही है, जो इस अवैध परिवहन में गेडाम का साथ दे रहा था।
गिरफ्तारी के बाद जब जांच टीम ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली (अहेरी) स्थित गेडाम के घर पर छापेमारी की, तो वहां से प्रतिबंधित पेंगुलिन के शल्क (Scales) भी बरामद हुए, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 के तहत सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त प्रजाति है।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व (बीजापुर) को लेकर बढ़ीं चिंता
इस कार्रवाई के बाद बीजापुर स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था और आधिकारिक आंकड़ों पर बेहद गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जो वन विभाग के लिए गहरी चिंता का विषय हैं:
- रिकॉर्ड में 6 बाघ, 5 खालों का दावा: सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, इंद्रावती टाइगर रिजर्व में फिलहाल कुल 6 बाघ दर्ज हैं। इनमें से एक घायल बाघ को पहले ही रायपुर जंगल सफारी में शिफ्ट किया जा चुका है। यानी जंगलों में केवल 5 बाघों की मौजूदगी बचती है। दूसरी ओर, पकड़े गए आरोपियों से शुरुआती पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि कुल 5 खालों की सप्लाई की जा चुकी है। इस दावे ने वन विभाग के होश उड़ा दिए हैं।
- क्या खाली हो गया इंद्रावती रिजर्व? यदि तस्करों द्वारा बताई गई 5 खालों की बात सच साबित होती है, और यह पुष्टि हो जाती है कि ये सभी बाघ इंद्रावती या अबूझमाड़ के हैं, तो इसका सीधा और डरावना अर्थ यह होगा कि रिजर्व से बाघों का पूरी तरह सफाया हो चुका है।
- सुरक्षा और पेट्रोलिंग में चूक: बीजापुर में इंद्रावती टाइगर रिजर्व के पेट्रोलिंग सहयोगी के घर से भी एक खाल की बरामदगी होने की सूचना है। स्थानीय स्तर पर सुरक्षाकर्मियों या उनके सहयोगियों की इस मिलीभगत ने रिजर्व की अंदरूनी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच में जुटी एजेंसियां
जांच एजेंसियां अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही हैं कि इन बाघों का शिकार किस सटीक स्थान पर और कैसे किया गया? इस बेहद कीमती अवैध माल का अंतिम खरीदार कौन था और इसे कहां भेजा जाना था? सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि क्या आरोपियों ने अपनी सरकारी नौकरी, जंगलों की भौगोलिक समझ और पुलिस नेटवर्क का इस्तेमाल इस बेखौफ तस्करी को अंजाम देने के लिए किया था? फिलहाल, फरार दो खालों की बरामदगी के लिए पतासाजी की जा रही है।
क्या कह रहे हैं अधिकारी
संदीप बल्गा डीएफओ इंद्रावती टाइगर रिजर्व ने कहा
“मामले की जांच बेहद संवेदनशील मोड़ पर है। तस्करों के आगे-पीछे के संपर्कों (Links) और पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क को दबोचने के लिए अभी किसी भी आरोपी या संदिग्ध के नाम का आधिकारिक खुलासा करना ठीक नहीं होगा। जांच पूरी होते ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।”
इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरूण पांडे से बात की गई उन्होंने मामले पर क्या कहा
प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरूण पांडे मैं बता रहा हूँ आपको कि Wildlife Crime Control Bureau और हमारा flying squad और बस्तर division का flying squad, सबके संयुक्त operation में कुछ लोग पकड़े गए हैं। ठीक है। सात से आठ लोग पकड़े गए हैं। दो खालें बरामद हुई हैं। एक खाल शायद कल बरामद हुई है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोग लोकल हैं। एक-दो लोग महाराष्ट्र के भी उसमें हो सकते हैं। अब यह प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि उन्होंने एक M से कोई गाँव है, वह इंद्रावती के अंदर में, वहाँ पर उन्होंने फंदा लगाया था। एक फंदा भी उनके घर से प्राप्त हो गया है और दूसरा फंदा शायद पानी में फेंक दिया था, ऐसा उन्होंने बताया है। तो अब जो खालें मिली हैं, उन्हें भेजा जाएगा। जैसे हमको camera trap में जो photo आता है, वह हम देहरादून भेज देते हैं। और इस type pattern से Wildlife Institute of India यह बताती है कि जो खाल मिली है, वह आपके क्षेत्र के बाघ की है या महाराष्ट्र की है या क्या है। चूंकि उन्होंने वहाँ पर प्रथम दृष्टया कबूल किया है कि हमने यहाँ फंदा लगाकर मारा है तो इसकी संभावना ज्यादा है कि यह इसी क्षेत्र की हो। तो यह अभी तक का घटनाक्रम है।
बस्तर इम्पेक्ट : जी। Sir, एक जानकारी आई है कि जो पकड़ा गया आरोपी है, जो forest का ही guard था। उसने इस बात को स्वीकार किया है कि पांच शेर के लिए बात हुई थी और जिसमें से दो पहले वह दे चुका था, दो लेकर जा रहे थे और एक उसके घर से बरामद हुआ है, जिसकी जब्ती की गई है। कुंदन साहू, मंडवी। यह मामला क्या सही है?
प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरूण पांडे यह देखिए, अभी मैंने उसकी लिखित जानकारी मंगाई है। एक घंटे, दो घंटे में सब आ जाएगी। एक जो forest guard नहीं था। Forest guard ने एक स्थानीय पढ़े-लिखे व्यक्ति को अपने helper के रूप में रखा था।
बस्तर इम्पेक्ट : क्या उसका नाम कुंदन साह मंडवी है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरूण पांडे ऐसी कल मेरी चर्चा हुई थी कि वह आदमी इसमें involved था। हमारा forest guard involve नहीं था।
बस्तर इम्पेक्ट : हाँ, उसी ने स्वीकार किया है, बता रहे हैं।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरूण पांडे हाँ, तो उसने स्वीकार किया है तो इस तरह की स्थिति बन रही है और उसमें कल कोई बात आ रही थी कि समर्पित तो नक्सली भी हैं लेकिन जब तक police verify नहीं कर देती तब तक अपन ऐसी संवेदनशील बात नहीं कर सकते।
बस्तर इम्पेक्ट : दूसरी एक चीज। क्या वीरता पुरस्कार प्राप्त कोई police अधिकारी या कर्मचारी इस मामले में शेर के खाल के साथ पकड़ा गया है?
प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरूण पांडे अभी जो लोग पकड़े गए हैं, उसकी सूची को मैं आपको भेज देता हूँ, ठीक है। उसमें से फिर कौन क्या है, local है कि बाहर का है, उसका क्या designation है, वह सब पता चल जाएगा।
बस्तर इम्पेक्ट : जी। Sir, एक और बात है। चूंकि यह मामला बहुत संवेदनशील है। इंद्रावती Tiger Reserve में कुल छह बाघों की गणना दर्ज की गई थी, जिसमें से पांच बाघ के मारे जाने की बात अभी आ रही है और एक बाघ घायल हुआ था, जिसको लाकर रायपुर में इलाज के लिए रखा गया था।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरूण पांडे देखिए, पांच का तो मुझे नहीं पता। एक बार आप Chief Wildlife Warden, अभी नए जो ओपी यादव साहब हैं, उनसे बात कर लीजिए। तो संभवतः आपको जानकारी होगा कि 2 June से Wildlife Warden बदल गए हैं।
मैं समझ रहा हूँ। तीन की ही बात आ रही है, पांच की बात नहीं आ रही है। एक यह बात है कि वह जो पकड़ाया था, वह जिसका फंदा पैर में लगा था, उसको वहाँ से लाया था। उसके पैर में rod लगी हुई है। वह यहाँ पर जंगल सफारी में सुरक्षित रखा गया है। उसके बारे में बार-बार activist कहते थे कि बंदी बना लिया गया है, उसको छोड़ दिया जाए। लेकिन वह हमारे हिसाब से क्योंकि पैर में rod लगी है, चल फिर पा रहा है, लेकिन शिकार करने के योग्य नहीं है। इसलिए जंगल में छोड़ना सही नहीं रहेगा।

